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Jaati

स्कूल में हो रही दो बच्चो की बातचीत
पहला लड़का - भाई मै उससे बहुत प्यार करता हूं शादी भी उससे ही करूंगा
दूसरा लड़का - पर तेरी तो जाती भी उससे नहीं मिलती
पहला लड़का - ये जाती क्या होती है
दूसरा लड़का - वहीं जो नाम के पीछे लगते है
पहला लड़का - कुछ नहीं आज से मैं अपनी जाती बदल लूंगा
दूसरा लड़का - हां फिर ठीक रहेगा

बात तो सही है ।
जाती क्या है आज इक्कीसवीं सदी में आकर भी हमे जाती या धर्म की जरूरत क्या है

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Mai chahta hu

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ख्वाब का मारना

आओ तुम्हें एक ख्वाब को मरता हुआ दिखाऊं। वह चढ़ जाएगा अपनी ही बनाई किसी इमारत की छत पर और कूद जाएगा ठीक वहीं जहां तुम खड़े हो वह ठीक तुम्हारे सामने दम तोड़ देगा। या फिर ले आएगा कहीं से उम्मीदों का जहर और उसे खा कर इधर-उधर भागेगा इस उम्मीद में कि तुम उसे बचा लो लेकिन ऐसा नहीं होगा वह छोड़ देगा अपने शरीर को ढीला और उसका शरीर नीला पड़ जाएगा। या फिर वह अपनी उलझन को समेट कर उससे एक रस्सी बनाएगा और उसे अपनी गर्दन में डालकर झूल जाएगा थोड़ा छटपटाएगा और फिर मर जाएगा। या फिर आएगी रिश्तों की एक गाड़ी और उसे सड़क पर अकेला चलता देख उसे कुचल देगी और वह उसके बोझ तले दबकर मर जाएगा। अगर ऐसा ना हुआ तो वह गुमनामी के अंधेरे में चुपचाप बैठे बैठे नाउम्मीदी से धीरे धीरे खुद ही मर जाएगा बिना शोर किए,बिना कुछ कहे जैसा कि होता आया है हर बार बार बार