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सबसे ज्वलंत मुद्दा क्या है

सबसे ज्वलंत मुद्दा क्या है आतंकवाद एक बड़ा मुद्दा हो सकता है या हो सकता है दो देशों में युद्ध भी स्वास्थ्य गरीबी और महंगाई भी एक अच्छा मुद्दा है मुद्दा तो है जात-पात और धर्म भी नशाखोरी भी है मुद्दा कई परिवारों के लिए संस्कृति की रक्षा भी मुद्दा बन सकती है मुद्दा तो है किसी स्कूल में पढ़ रहे बच्चों पर होने वाला हमला भी बलात्कार और उसके खिलाफ प्रदर्शन कर रहे लोगों को कुचलना भी एक मुद्दा है पर सबसे ज्वलंत मुद्दा है लोगों में संवेदनाओं का खत्म हो जाना
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suicide note

Once upon a time, there were three friends: Sahil, Vikas, and Chandan. Sahil had a father's business but he always dreamed of becoming a writer. He often felt trapped and unfulfilled in his current job. Vikas was working in the corporate world and had a desire to start his own business, but he felt overwhelmed and unsure of where to begin. Chandan was confused about his career and struggled to find direction and purpose in his life. All three friends felt depressed and unhappy with their lives. They all admired a successful businessman, named Rahul, who they believed had all the answers to their career-related questions. They had met Rahul in college and he had always been an inspiration to them. They envied his success and stability, and often sought advice from him. the three friends were feeling particularly low, and they decided to end their lives. They were about to go through with it when they received the shocking news that their admired businessman, Rahul, had taken his own...

ख्वाब का मारना

आओ तुम्हें एक ख्वाब को मरता हुआ दिखाऊं। वह चढ़ जाएगा अपनी ही बनाई किसी इमारत की छत पर और कूद जाएगा ठीक वहीं जहां तुम खड़े हो वह ठीक तुम्हारे सामने दम तोड़ देगा। या फिर ले आएगा कहीं से उम्मीदों का जहर और उसे खा कर इधर-उधर भागेगा इस उम्मीद में कि तुम उसे बचा लो लेकिन ऐसा नहीं होगा वह छोड़ देगा अपने शरीर को ढीला और उसका शरीर नीला पड़ जाएगा। या फिर वह अपनी उलझन को समेट कर उससे एक रस्सी बनाएगा और उसे अपनी गर्दन में डालकर झूल जाएगा थोड़ा छटपटाएगा और फिर मर जाएगा। या फिर आएगी रिश्तों की एक गाड़ी और उसे सड़क पर अकेला चलता देख उसे कुचल देगी और वह उसके बोझ तले दबकर मर जाएगा। अगर ऐसा ना हुआ तो वह गुमनामी के अंधेरे में चुपचाप बैठे बैठे नाउम्मीदी से धीरे धीरे खुद ही मर जाएगा बिना शोर किए,बिना कुछ कहे जैसा कि होता आया है हर बार बार बार

Dikkat

मुझे दिक्कत है उन लोगों से जो मुझे मेरी मात्रभाषा में बात करने पर देसी बोलते है मुझे दिक्कत होती है जब अलग दिखने के कारण लोग मुझे ट्रोल कर देते है मुझे दिक्कत है उन लोगों से ज...

पलायन के बाद

अक्सर अख़बारों में पढ़ने को मिलता है कि इस साल इतने लोगो ने किसानी से पलायन किया। पर अखबारो में उनके आगे की जिंदगी के बारे में कोई जिक्र नहीं किया जाता। बात पिछले साल की है प...

Juice

हम सभी किसी न किसी रूप में गांव से जुड़े होते है चाहे वह गांव से आने वाला हमारा अनाज हो या फिर वह नानी का घर जहां हम साल में एकआध बार चले जाते है शहर में रहकर हम अक्सर इस जोड़ को भ...