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जनसंख्या वृद्धि और गरीबी

आजकल एक बात चलन में है लोग हर चीज का इल्ज़ाम सरकार पर डाल देते है बहुत सी जगहों पर ये ठीक है पर इसे हर बात पर लागू नहीं किया सकता।
वैसे हम सब जानते है कि जनसंख्या वृद्धि और गरीबी में सीधा संबंध होता है पर मेरे एक अध्यापक ने बहुत अलग तरीके से बताया उनके हिसाब से "गरीब आदमी को गरीब करने में सरकार का हाथ होता है वो रात को टी वी देख कर अपना एंटरटेनमेंट करता है और अक्सर बिजली ना होने के कारण उसका एंटरटेनमेंट नहीं हो पाता है तो वह अपने एंटरटेनमेंट के लिए सेक्स करता है जिस कारण आबादी बढ़ती है"

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ख्वाब का मारना

आओ तुम्हें एक ख्वाब को मरता हुआ दिखाऊं। वह चढ़ जाएगा अपनी ही बनाई किसी इमारत की छत पर और कूद जाएगा ठीक वहीं जहां तुम खड़े हो वह ठीक तुम्हारे सामने दम तोड़ देगा। या फिर ले आएगा कहीं से उम्मीदों का जहर और उसे खा कर इधर-उधर भागेगा इस उम्मीद में कि तुम उसे बचा लो लेकिन ऐसा नहीं होगा वह छोड़ देगा अपने शरीर को ढीला और उसका शरीर नीला पड़ जाएगा। या फिर वह अपनी उलझन को समेट कर उससे एक रस्सी बनाएगा और उसे अपनी गर्दन में डालकर झूल जाएगा थोड़ा छटपटाएगा और फिर मर जाएगा। या फिर आएगी रिश्तों की एक गाड़ी और उसे सड़क पर अकेला चलता देख उसे कुचल देगी और वह उसके बोझ तले दबकर मर जाएगा। अगर ऐसा ना हुआ तो वह गुमनामी के अंधेरे में चुपचाप बैठे बैठे नाउम्मीदी से धीरे धीरे खुद ही मर जाएगा बिना शोर किए,बिना कुछ कहे जैसा कि होता आया है हर बार बार बार