कल ही शमशाद बीजापुर अपने ससुराल आय था और आज कई लोगो से मारपीट करने के बाद पनवाड़ी की दुकान पर पहुंचा दुकान के बाहर दानिश अपने दोस्तो के साथ बैठा हुआ था शमशाद दुकान पर पान खाकर चलने लगा पनवारी ने पैसे मांगे तो उसन गुस्से मै कहा
"नहीं देंगे जानते हो कौन है,पहलवान के आदमी है जानते हो उ करिया का हाथ कौन तोड़ा"
पनवाड़ी "कौन"
शमशाद "हम तोड़े और उ पंडितवा का कपार भी"
पनवाड़ी "ई सब छोड़ हमको हमारा पैसा दे"
दानिश वहां बैठकर ये ड्रामा देख ही रहा था उसे ये बात गवारा नहीं थी कि उसके सामने कोई रंगबाजी दिखाए सो वह खड़ा हुआ और बोला
" ए पनवाड़ी सुने हैं यहां नया रंगबाज पैदा हो गया है"
शमशाद बोला "पैदा नहीं हुए हैं वापस लौटे है"
दानिश "बहुत बोल लिया तुम भाग जाओ यहां से नहीं तो एक फैट मै सारा रंगदारी नाक के रास्ते निकल आएगा"
शमशाद गुस्से से बोला "जानता नहीं है कौन हम मार के 6"इंच छोटा कर देंगे"
दानिश ने अपनी शर्ट दायी और से उठाई और शमशाद को एक पिस्तौल दिखाई और बोला "जानता है हम कौन है मार के 9" इंच छोटा कर देंगे"
मैं चाहता हूं... हंसना खिल खिलाकर और साथ ही चाहता हूं खुलकर रोना भी मैं चाहता हूं दौड़ना तेज सभी से और साथ ही चाहता हूं चलना धीरे... बहुत धीरे मैं चाहता हूं सभी उलझने पल मे सुलझा ...
Nice
ReplyDelete