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Ego

कल ही शमशाद बीजापुर अपने ससुराल आय था और आज कई लोगो से मारपीट करने के बाद पनवाड़ी की दुकान पर पहुंचा दुकान के बाहर दानिश अपने दोस्तो के साथ बैठा हुआ था  शमशाद दुकान पर पान खाकर चलने लगा पनवारी ने पैसे मांगे तो उसन गुस्से मै कहा
"नहीं देंगे जानते हो कौन है,पहलवान के आदमी है जानते हो उ करिया का हाथ कौन तोड़ा"
पनवाड़ी "कौन"
शमशाद "हम तोड़े और उ पंडितवा का कपार भी"
पनवाड़ी "ई सब छोड़ हमको हमारा पैसा दे"
दानिश वहां बैठकर ये ड्रामा देख ही रहा था उसे ये बात गवारा नहीं थी कि उसके सामने कोई रंगबाजी दिखाए सो वह खड़ा हुआ और बोला
" ए पनवाड़ी सुने हैं यहां नया रंगबाज पैदा हो गया है"
शमशाद बोला "पैदा नहीं हुए हैं वापस लौटे है"
दानिश "बहुत बोल लिया तुम भाग जाओ यहां से नहीं तो एक फैट मै सारा रंगदारी नाक के रास्ते निकल आएगा"
शमशाद गुस्से से बोला "जानता नहीं है कौन हम मार के 6"इंच छोटा कर देंगे"
दानिश ने अपनी शर्ट दायी और से उठाई और शमशाद को एक पिस्तौल दिखाई और बोला "जानता है हम कौन है मार के 9" इंच छोटा कर देंगे"

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मैं चाहता हूं... हंसना खिल खिलाकर और साथ ही चाहता हूं खुलकर रोना भी मैं चाहता हूं दौड़ना तेज सभी से और साथ ही चाहता हूं चलना धीरे... बहुत धीरे मैं चाहता हूं सभी उलझने पल मे सुलझा ...

ख्वाब का मारना

आओ तुम्हें एक ख्वाब को मरता हुआ दिखाऊं। वह चढ़ जाएगा अपनी ही बनाई किसी इमारत की छत पर और कूद जाएगा ठीक वहीं जहां तुम खड़े हो वह ठीक तुम्हारे सामने दम तोड़ देगा। या फिर ले आएगा कहीं से उम्मीदों का जहर और उसे खा कर इधर-उधर भागेगा इस उम्मीद में कि तुम उसे बचा लो लेकिन ऐसा नहीं होगा वह छोड़ देगा अपने शरीर को ढीला और उसका शरीर नीला पड़ जाएगा। या फिर वह अपनी उलझन को समेट कर उससे एक रस्सी बनाएगा और उसे अपनी गर्दन में डालकर झूल जाएगा थोड़ा छटपटाएगा और फिर मर जाएगा। या फिर आएगी रिश्तों की एक गाड़ी और उसे सड़क पर अकेला चलता देख उसे कुचल देगी और वह उसके बोझ तले दबकर मर जाएगा। अगर ऐसा ना हुआ तो वह गुमनामी के अंधेरे में चुपचाप बैठे बैठे नाउम्मीदी से धीरे धीरे खुद ही मर जाएगा बिना शोर किए,बिना कुछ कहे जैसा कि होता आया है हर बार बार बार