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Showing posts from 2019

ख्वाब का मारना

आओ तुम्हें एक ख्वाब को मरता हुआ दिखाऊं। वह चढ़ जाएगा अपनी ही बनाई किसी इमारत की छत पर और कूद जाएगा ठीक वहीं जहां तुम खड़े हो वह ठीक तुम्हारे सामने दम तोड़ देगा। या फिर ले आएगा कहीं से उम्मीदों का जहर और उसे खा कर इधर-उधर भागेगा इस उम्मीद में कि तुम उसे बचा लो लेकिन ऐसा नहीं होगा वह छोड़ देगा अपने शरीर को ढीला और उसका शरीर नीला पड़ जाएगा। या फिर वह अपनी उलझन को समेट कर उससे एक रस्सी बनाएगा और उसे अपनी गर्दन में डालकर झूल जाएगा थोड़ा छटपटाएगा और फिर मर जाएगा। या फिर आएगी रिश्तों की एक गाड़ी और उसे सड़क पर अकेला चलता देख उसे कुचल देगी और वह उसके बोझ तले दबकर मर जाएगा। अगर ऐसा ना हुआ तो वह गुमनामी के अंधेरे में चुपचाप बैठे बैठे नाउम्मीदी से धीरे धीरे खुद ही मर जाएगा बिना शोर किए,बिना कुछ कहे जैसा कि होता आया है हर बार बार बार

Dikkat

मुझे दिक्कत है उन लोगों से जो मुझे मेरी मात्रभाषा में बात करने पर देसी बोलते है मुझे दिक्कत होती है जब अलग दिखने के कारण लोग मुझे ट्रोल कर देते है मुझे दिक्कत है उन लोगों से ज...

पलायन के बाद

अक्सर अख़बारों में पढ़ने को मिलता है कि इस साल इतने लोगो ने किसानी से पलायन किया। पर अखबारो में उनके आगे की जिंदगी के बारे में कोई जिक्र नहीं किया जाता। बात पिछले साल की है प...

Juice

हम सभी किसी न किसी रूप में गांव से जुड़े होते है चाहे वह गांव से आने वाला हमारा अनाज हो या फिर वह नानी का घर जहां हम साल में एकआध बार चले जाते है शहर में रहकर हम अक्सर इस जोड़ को भ...

जनसंख्या वृद्धि और गरीबी

आजकल एक बात चलन में है लोग हर चीज का इल्ज़ाम सरकार पर डाल देते है बहुत सी जगहों पर ये ठीक है पर इसे हर बात पर लागू नहीं किया सकता। वैसे हम सब जानते है कि जनसंख्या वृद्धि और गरीबी...

Mai kon

कुछ दिन पहले मै अपने पापा के साथ प्रिंटिंग प्रेस में गया था मेरे पापा वहीं काम करते है मै कंपनी के गेट पर खड़ा था मैंने देखा कि अंकित भैया वहां से बाहर निकल रहे थे अंकित भैया क...

Mai chahta hu

मैं चाहता हूं... हंसना खिल खिलाकर और साथ ही चाहता हूं खुलकर रोना भी मैं चाहता हूं दौड़ना तेज सभी से और साथ ही चाहता हूं चलना धीरे... बहुत धीरे मैं चाहता हूं सभी उलझने पल मे सुलझा ...

Naam mai kya rakha hai.

अक्सर ये वाक्या सुनने में आता है कि नाम में क्या रखा है ? मेरा एक दोस्त है श्याम चतुर्वेदी उसकी कहानी सुनकर आप अगली बार से नाम में क्या रखा है नहीं बोलेंगे जब उसका जन्म हुआ तो ए...