कुछ दिनों से रोजाना एक प्रेमी जोड़े के बारे में सुन रहा हूं कि उन्होंने अपने घर वालो कि मर्ज़ी के खिलाफ जाकर प्रेम विवाह कर लिया है लोग इस पर अपनी प्रतिक्रियाए देते है बात य...
चुनाव नज़दीक आ रहे है और हर बार चुनावों के साथ कुछ सवाल आते है उन्हीं सवालों मै से एक है। लेफ़्ट पार्टीज हमेशा कहती है कि राइट विंग पार्टीज हिन्दू मजोरिटी को ध्रुवीकरण के ज...
कुछ दिन पहले की बात है मेरी मुलाक़ात बौद्ध धर्म के एक धर्म प्रचारक से हुई। लोगो की भीड़ उनके चारो ओर लगी थी सो मैं भी उत्सुकता में वहां पहुंच गया और वहां एक खाट पर बैठकर उनकी ब...
स्कूल में हो रही दो बच्चो की बातचीत पहला लड़का - भाई मै उससे बहुत प्यार करता हूं शादी भी उससे ही करूंगा दूसरा लड़का - पर तेरी तो जाती भी उससे नहीं मिलती पहला लड़का - ये जाती क्य...
मै अपने घर के गेट पर खड़ा था। तभी पड़ोस में रहने वाली एक छोटी लड़की मेरे पास आई और बोली भैया तुम कौन हो? मैने उल्टा उससे पूछ लिया कि तुम कौन हो ?उसने जवाब दिया। मै तो मुसलमान हूं।...
एक बार दोबारा से आपको अपने क्लासरूम की तरफ ले चलता हूं बारहवी की क्लास है मैं अब क्लास में पीछे बैठता हूं मेरे साथ दो लड़के और बैठते है आलोक और विक्की। दोनों को ही रैपिंग का श...
मेरे साथ एक और घटना हुई। वो "शायदा" थी हम लोग एक ही कोचिंग में पढ़ते थे पर हमारा बैच अलग था मै अक्सर समय से पहले ही कोचिंग पहुंच जाया करता था शोएब भी मेरे साथ कोचिंग ही कोचिंग पढ़ता था शायदा अक्सर र्कोचिंग से निकलते समय मेरी ओर देखा करती थी या शायद मुझे ऐसा लगता था जैसा की हर लड़के को लगता है सो मैने भी उसे घूरना शुरू कर दिया ऐसा कई दिनों तक चला। एक दिन मै किसी काम से शोएब के घर गया मैंने बेल बजाई आंटी उपर दूसरी मंजिल पर थी उन्होंने बालकनी से नीचे देखा मै नीचे से चिल्लाया "आंटी शोएब है मै उसका दोस्त हूं उससे मिलना है" आंटी बोली "वो तो अपने मामा के गया है" मै ये सुनकर वहां से चलने लगा तो उन्होंने कहा "रुक जा पानी पी के जाइयो। दरवाजा खुला है अंदर बैठ जा" मैंने दरवाजा खोला और अंदर कुर्सी पर बैठ गया। आंटी ने आवाज दी "अरी शायदा शोएब का दोस्त आया है पानी पिला दे बेचारे को" मै "बेचारा" सुनते ही हसने लगा। मै दीवारें और पंखे को निहार रहा था तभी एक लड़की काले सूट सलवार मै आयी उसने गले मै काली चुन्नी लपेट रखी थी उसके हाथ मै ट्रे थी ज...
पिछले कुछ दिनों से मुझे एक सपना बार - बार आ रहा है उस सपने में मै एक खाली जगह पर खड़ा हूं मेरे आस पास कोई भी नहीं हैं और एक रस्सी मेरे चेहरे के ठीक आगे लटक रही है उसमे एक फंदा भी बन...
बात दो साल पहले की है मै अपने पिता जी के साथ मामा के घर जा रहा था। हमारे साथ मेरा छोटा भाई चंदन भी था हम तीनो मोटरसाइकिल से जा रहे थे। मैं मोटरसाइकिल चला रहा था हम एक मस्जिद के सा...
मै एक स्कूल में था पापा मेरे साथ है मेरी उम्र लगभग पांच साल थी हम प्रिंसिपल के कमरे में बैठे थे एडमिशन की सारी बाते हो चुकी थी प्रिंसिपल ने मुझे बुलाया प्रिंसिपल: तुम्हारा न...
आज गांव में पंचायत बैठी है वैसे तो अक्सर पंचायत बैठा करती है पर आज का मामला कुछ अलग है जमीन विवाद का जो है और ऐसा वैसा नहीं। आपने कई जमीन विवादों के बारे में सुना होगा पर विव...
रात के लगभग 10:30 बज रहे थे पिताजी बेड पर लटेकर टीवी देख रहे थे और मां किचन में बर्तन धो रही थी और मैं ऊपर अपने कमरे में लेटा हुआ था तभी घर की बेल बजी पापा उठकर गेट खोलने चले गए गेट खोलते ही चार पांच लोग घर में घुस गए और पापा को मारने लगे उनमें से कुछ लोग घर के अदंर घुस गए और मां को भी पीटने लगे मै शोर सुनकर बाहर निकला मै सीढियो पर पहुंचा ही था की उनमें से एक आदमी मेरी ओर दौड़ा उसके हाथ मै एक डंडा था।मै दौड़कर अपने रूम मै पहुंचा और दरवाजा बंद कर लिया वे लोग मम्मी पापा को मार रहे थे।वे दोनों खूब चिल्ला रहे थे मै उनके पास जाकर उन्हें बचाना चाहता था पर मुझे डर लग रहा था फिर उन लोगो ने घर में आग लगा दी और वाहा से भाग गए वेलकम होम ये उस हॉस्पिटल का नाम है जहां मुझे भर्ती किया गया था। घर म आग लगने के बाद मै बेहोश हो गया था रंजीत अकंल मुझे हॉस्पिटल लकेर आए थे रंजीत अकंल मेरे पड़ोसी है वह मेरे घर के ठीक सामने रहते है उन्होंने मुझे बताया कि मेरे दादा जी गांव से मुझे लेने आ रहे थे मैने उनसे पूछा क्यों मम्मी पापा कहा है तो उन्होंने कुछ जवाब नहीं दिया।अब मेरे मन में बहुत सारे विचा...
लंच की घंटी बजी सभी बच्चे क्लासरूम से बाहर की ओर दौड़ गए। क्लास मै हम तीन रुके हुए थे। हर्ष, सोहेल, और मै (सोनू) हम तीनों एक डेस्क पर बैठ गए हर्ष मेरी दाई ओर बैठा और सोहेल मेरी बाई ...
कल ही शमशाद बीजापुर अपने ससुराल आय था और आज कई लोगो से मारपीट करने के बाद पनवाड़ी की दुकान पर पहुंचा दुकान के बाहर दानिश अपने दोस्तो के साथ बैठा हुआ था शमशाद दुकान पर पान खा...
रात के 1:30 बज रहे हैं और मैं अपने रूम में बैठकर कुछ लिखने की कोशिश कर रहा हूं हां मैं अक्सर इसी समय लिखता हूं और मुझे लिखने की कोई कारण चाहिए होता है आज रात लगभग 10:00 बजे जब मैं पंकज की शादी से आ रहा था तब मेरी नजर सड़क के साथ लगे होटल पार्क प्लाजा पर पड़ी मै कई बार इस होटल को देख चुका हूं पर आज यह बहुत अलग लग रहा था क्योंकि आमतौर पर मैं दिन में ही यहां से गुजरा करता था मैंने पहली बार इस होटल को रात के समय देखा है। इसलिए सोचा थोड़ा रुक कर देख लूं होटल काफी सुंदर दिख रहा था होटल में कई तरह की लाइटें लगी थी फिर मेरी नज़र होटल के गेट पर पड़ी अंदर खूब चकाचौंध थी रोशनी गेट के बाहर आ रही थी कुछ देर बाद एक स्त्री होटल के गेट पर आकर खड़ी हुई उसने सुनहरा गाउन पहन रखा था उसके ठीक पीछे एक पुरुष आया वे शायद अपनी गाड़ी का इंतजार कर रहे थे उनकी चटर पटर शुरू हुई मैने उन्हें नजरअंदाज किया और होटल पर फोकस किया। वे दोनों अब मेरे निकट आ रहे थ उन्हें लगा कि मै कोई शोहदा हूं जो कि उनको घूर रहा है मुझे असुविधा महसूस हुई सो मै वहां से चल दिया। एक दिन की बात है जब मै पार्क से क्रिकेट खेलकर अपने दोस्तो के...
आज मैंने यूट्यूब पर एक वीडियो देखी उसका टाइटल था होमोसेक्सुअलिटी उसमे एक व्यक्ति जिसकी उम्र लगभग 25 वर्ष रही होगी।उसने यह कहा कि "आज हम होमोसेक्सुअलिटी यानी समलैंगिकता पर बात करेंगे" और फिर उसने हस्ते हुए ये सफाई दी "मै गे नहीं हूं मै स्ट्रेट हूं" इतना सुनकर मैंने वीडियो बंद कर दी क्या यह दोहरी मानसिकता नहीं है कि एक अोर खुले विचारों को समर्थन देते है और दूसरी ओर इस तरह की सफाई देते हैं मैंने पढ़ा था कि जब गांधी जी चंपारण आंदोलन के दौरान डॉ राजेंद्र प्रसाद मिलने उनके घर गए थे और उनकी अनुपस्थिति में उनके नोकरों ने गांधी जी को कुएं से पानी लेने से मना कर दिया था ।क्योंकि वे समझते थे कि गांधीजी नीची जाति के है। तब गांधीजी भी चाहते तो यह सफाई दे सकते थे कि मै नीची जाति का नहीं हूं पर उन्होंने ऐसा नहीं किया क्योंकि उनका मानना था कि ऐसा करने से लोगों में यह संदेश जाएगा कि गांधीजी भी जाति व्यवस्था में विश्वास करते है